Wednesday, July 24, 2019

इस बैंक के शेयर ने दिया 1,500% रिटर्न, क्या अब अधिग्रहण से मिलेगी तेज ग्रोथ?



बीते एक दशक में इंडसइंड बैंक देश में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला बैंक रहा है. अब मुनाफा बढ़ाने के लिए इस बैंक का फोकस अधिग्रहण पर है. लेकिन, क्या माइक्रोफाइनेंस फर्म के अधिग्रहण से उसे तेज ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी? यह सवाल ऐसे वक्त और भी अहम हो जाता है जब कई एनबीएफसी कंपनियां संकट के दौर से गुजर रही हैं.

इंडसइंड बैंक ने कुछ समय पहले भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन का अधिग्रहण किया था. बैंक के सीईओ रोमेश सोबती का मानना है कि इससे वे अपने मुनाफे को काफी हद तक आगे बढ़ाने में कामयाब होंगे. उनका मानना है कि रिटर्न ऑन एसेट और कर्ज के मार्जिन के मोर्चे पर भी लाभ मिलेगा. 

सोबती का मानना है कि देश की सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंसिंग कंपनी के अधिग्रहण की वजह से बैंक की मौजूदगी देश के 1,15,000 गांवों तक पहुंच गई है. इसके जरिए वे क्रॉस सेलिंग, कर्जदारी और कम कीमत वाले जमा करने में सफल होंगे. 

सोबती ने साल 2008 में इंडसइंड बैंक के मुबंई स्थित मुख्यालय में सीईओ को पद संभाला था. इसके बाद से यह शेयर 1,500 फीसदी तक चढ़ा है. मगर क्रेडिट सुईस और यूबीएस द्वारा रेटिंग में गिरावट के चलते इसकी चमक फीकी पड़ी है.

दोनों ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि बैंक ने चुनिंदा NBFC को बड़ा कर्ज दिया है. इसमें दीवान हाउसिंग फाइनेंस का नाम सबसे ऊपर है. हालांकि, बेहतर कैपिटल और कम डूबे कर्ज के चलते इसकी हालत यस बैंक जैसी नहीं हुई, जिसका बाजार पूंजीकरण आधे से ज्यादा साफ हो चुका है.

सोबती ने कहा, "रिपोर्ट में जो बातें बताई जा रही हैं, उनकी तुलना में इंडसइंड की समस्या काफी कम है. हमारे पास पर्याप्त सुरक्षा मौजद है. हम डूबे कर्ज में वृद्धि की उम्मीद नहीं कर रहे हैं. मौजूदा समय में भारत फाइनेंशियल के जरिए ग्रामीण भारत में अवसरों की तलाश कर रहे हैं." 

हालिया समय में इंडसइंड बैंक ने गैर-बैकिंग वित्तीय कंपनियों को कर्ज देने में कोताही बरती है. इस बैंक के डूबे कर्ज का अनुपात 1.2 फीसदी है, जबकि यस बैंक के लिए यह स्तर 2.9 फीसदी है. बीते एक साल में इंडसइंड बैंक के रिटर्न ऑन एसेट 1.9 फीसदी से बढ़कर 2.1 फीसदी तक पहुंच गया है.

अगले साल मार्च में सोबती रिटायर हो रहे हैं. मॉर्गन स्टेनले का मानना है कि यह बैंक के लिए बड़ी चुनौती है. सोबती ABN एम्रो बैंक को छोड़ कर इस बैंक में आए थे. उन्होंने बैंक की कायापलट कर दी. 10 शेयरों वाले बैंकेक्स में इस बैंक का प्रदर्शन बीते एक दशक में अव्वल रहा है.

इस बैंक ने 10 साल में 1,500 फीसदी की छलांग लगाई है, जबकि इंडेक्स 200 फीसदी चढ़ा है. सोबती ने कहा, "इस विषय में ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बोर्ड चार साल से इस बारे में सोच रहा है. साल 2019 के अंत तक मेरा उत्तराधिकारी आ जाएगा."

https://forms.gle/McHNsTJVKXPhJbiJ7




No comments:

Post a Comment